जवाहरलाल नेहरू ने खुद की महत्वकांक्षा पुरी करने के लिये "हिंदुस्थान" का बटवारा तक कर डाला, ओर देश को इस कदर खाई में ढकेल दिया की आज भी आम आदमी उससे पिसा जा रहा है. अगर आज पुरा हिंदुस्थान होता तो किसी की क्या मजाल की हमारे तरफ आंख उठाकर भी देखे. जरा सोचीये पिछले ६४ साल में जितना पैसा हमने "सुरक्षा, कला धन, घोटालो" में गवया है, उससे एक ऐसा "भारत" का निर्माण किया जा सकता था, अमेरिका तो क्या विश्व का कोई भी देश हमारे आस पास भी नही भटकता.(कम से कम,हमारे देश में किसी को खाली पेट तो नही सोना पडता.) हम कहते है हमारा देश "भारत" इस विश्व का सबसे बडा "लोकतंत्र" है, पर मै ये नही मानता. हम एक हुकुमशहा परिवार के तले ६४ सालो से कुचले जा रहे है. पहले नेहरू, इंदिरा, फिर राजीव गांधी, सोनिया गांधी, राहुल गांधी... ओर न जाने आगे कितने सालो तक और कितने नाम जुडने वाले है. इंदिरा गांधी ने तो देश को "आपात स्थिति" में भी ढकेल दिया, राजीव गांधी ने देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड किया, सोनिया ने तो सब को पछाडते हुये देश को लुटा और सारा पैसा उसके देश भेज दिया. आगे जा के राहुल बाबा क्या करेंगे मालूम नही, श
1390/10/01 - 10:59 در
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